प्रेगनेंसी के दौरान बड़े हुए वजन
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प्रेगनेंसी के दौरान बड़े हुए वजन को कैसे नियंत्रित करें |

प्रेगनेंसी, यानी गर्भावस्था का समय हर महिला के जीवन का एक खास दौर होता है। इस दौरान, एक महिला का शरीर में कईं तरह के बदलाव होते है, जिसमें वजन बढ़ना प्रमुख है। थोड़ा बहुत वजन बढ़ना तो सामान्य है, लेकिन जब यह वजन अधिक हो जाता है, तो यह गर्भवती महिला और उसके बच्चे दोनों के लिए स्वास्थ्य समस्याएँ खड़ी कर सकता है। यदि आप भी गर्भावस्था के दौरान वजन बढ़ने से परेशान हैं? तो इसमें हम आपको बताएँगे कि कैसे आप प्रेगनेंसी के दौरान बड़े हुए वजन को स्वस्थ तरीके से नियंत्रित कर सकती हैं।

वजन वृद्धि: क्यों और कितनी?

प्रेगनेंसी के दौरान बड़े हुए वजन
प्रेगनेंसी

गर्भावस्था के दौरान वजन बढ़ना आवश्यक है क्योंकि यह बच्चे के विकास और माँ की सेहत को सुनिश्चित करता है। महिला का शरीर अतिरिक्त रक्त, ऊतकों का निर्माण करता है, और बच्चे के लिए आवश्यक पोषण तत्व संग्रहित करता है। डॉक्टर्स के अनुसार, एक सामान्य वजन वाली महिला को गर्भावस्था के दौरान 11 से 16 किलोग्राम तक वजन बढ़ाना चाहिए। वजन बढ़ने की यह मात्रा उस महिला के बीएमआई पर निर्भर करती है।

वजन नियंत्रण के लिए युक्तियाँ

प्रेगनेंसी के दौरान बड़े हुए वजन
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  1. संतुलित आहार: आपका आहार सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें हरी सब्जियां, फल, पूरे अनाज, दालें, और लीन प्रोटीन शामिल होने चाहिए। तली-भुनी चीजों, मीठे पेय और हाई-कैलोरी स्नैक्स से बचें।
  2. नियमित व्यायाम: गर्भावस्था के दौरान व्यायाम करने से कईं लाभ होते है। यह न केवल वजन नियंत्रण में मदद करता है, बल्कि शारीरिक दर्द और अन्य गर्भ संबंधी समस्याओं में भी राहत प्रदान करता है। वॉकिंग, स्विमिंग, योग और पिलेट्स उत्तम विकल्प हैं।
  3. पर्याप्त नींद: अच्छी नींद लेना भी जरूरी है क्योंकि यह तनाव को कम करता है और मेटाबोलिज्म को संतुलित रखता है।
  4. हाइड्रेशन: पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से आपकी भूख कम होती है, शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं, और यह आपके पाचन को भी सहायता प्रदान करता है।
  5. डॉक्टर की सलाह: नियमित रूप से अपने डॉक्टर से मिलें और उनकी सलाह का पालन करें। वजन की निगरानी के लिए नियमित जांच आवश्यक है।

सामान्य समस्याएं और उनके समाधान

अत्यधिक वजन बढ़ने से गर्भावस्था में गर्भपात का खतरा, प्रीक्लेम्पसिया, गेस्टेशनल डायबिटीज, और सिजेरियन डिलीवरी की संभावना बढ़ सकती है। इन समस्याओं से बचने के लिए उपरोक्त नियमों का पालन करना जरूरी है।

खान-पान की योजना

  • नाश्ता: ओट्स, फल, और दूध।
  • दोपहर का भोजन: चिकन या दाल के साथ सलाद, रोटी, और सब्जी।
  • शाम का नाश्ता: नट्स और फल।
  • रात का भोजन: ग्रिल्ड फिश या पनीर, सब्जियां, और चावल।

व्यायाम योजना

  • सप्ताह में तीन बार 30 मिनट के लिए वॉकिंग।
  • सप्ताह में दो बार योग ।
  • रोजाना 10 मिनट की स्ट्रेचिंग।

निष्कर्ष

गर्भावस्था के दौरान वजन बढ़ाना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन इसे सही दिशा में नियंत्रित करना आपके और आपके बच्चे के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। उचित आहार, व्यायाम और डॉक्टर की सलाह से आप सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपका गर्भावस्था का समय सुखद और स्वस्थ रहे।

If you have any queries related to medical health, consult Subhash Goyal or his team members on this given no +91 88008 25789, +91 99150 99575, +918283060000

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